सिरोही | राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय सिरोही ने जालोर और सिरोही जिले के समस्त ईंट भट्टा स्वामियों, संचालकों एवं ईंट भट्टा एसोसिएशन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मंडल के अनुसार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की 22 फरवरी 2022, 15 दिसंबर 2023 एवं 22 जनवरी 2025 की अधिसूचनाओं के अनुपालन में सभी ईंट भट्टों को जिग-जैग प्रणाली में परिवर्तित किया जाना था। इसके लिए निर्धारित अंतिम तिथि 30 जून 2026 अब समाप्त हो चुकी है।
मंडल ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी ईंट भट्टा संचालक अपने भट्टों को जिग-जैग पद्धति में परिवर्तित करें। साथ ही ईंट भट्टे की चिमनी पर निर्धारित पोर्ट होल, सीढ़ी एवं प्लेटफॉर्म की स्थापना भी सुनिश्चित करें।
⚠️ नियमों की अनदेखी पड़ी भारी तो CTO होगा रद्द
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले ईंट भट्टों के पक्ष में जारी संचालन सम्मति (CTO) को निरस्त किया जा सकता है।
इसके साथ ही संबंधित ईंट भट्टों के विरुद्ध वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मंडल ने इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित ईंट भट्टा स्वामी एवं संचालन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की होने की बात कही है।
👉 अब देखना होगा कि जालोर-सिरोही में कितने ईंट भट्टे जिग-जैग प्रणाली में परिवर्तित होते हैं और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर मंडल की कार्रवाई कब शुरू होती है।